भारत के प्रधान मंत्री डॉ. मनमोहन सिंह (May 22, 2004 - 26th May 2014)

बुलेटिन बोर्ड

  • प्रधानमंत्री का राष्ट्र के नाम सन्देश आज, जब प्रधानमंत्री का पद छोड़ने का वक्त आ गया है, मुझे अहसास है कि ईश्वर के अंतिम निर्णय से पहले, सभी चुने गए प्रतिनिधियों और सरकारों के काम पर जनता की अदालत भी फैसला करती है। मेरे प्यारे देशवासियों, आपने जो फ़ैसला दिया है, हम सभी को उसका सम्मान करना चाहिए। इन लोकसभा चुनावों से हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था की जड़ें मज़बूत हुई हैं।
  • प्रधानमंत्री का राष्ट्र के नाम सन्देश पिछले दस सालों के दौरान हमने बहुत सी सफलताएं और उपलब्धियां हासिल की हैं जिन पर हमें गर्व है। आज हमारा देश हर मायने में दस साल पहले के भारत से कहीं ज़्यादा मज़बूत है। देश की सफलताओं का श्रेय मैं आप सबको देता हूँ। लेकिन अभी भी हमारे देश में विकास की बहुत सी संभावनाएं हैं जिनका फायदा उठाने के लिए हमें एकजुट होकर कड़ी मेहनत करने की ज़रुरत है।
  • प्रधानमंत्री का राष्ट्र के नाम सन्देश प्रधानमंत्री का पद छोड़ने के बाद भी आपके प्यार और मोहब्बत की याद हमेशा मेरे ज़हन में ताज़ा रहेगी। मुझे जो कुछ भी मिला है, इस देश से ही मिला है। एक ऐसा देश जिसने बंटवारे के कारण बेघर हुए एक बच्चे को इतने ऊंचे पद तक पहुंचा दिया। यह एक ऐसा कर्ज़ है जिसे मैं कभी अदा नहीं कर सकता। यह एक ऐसा सम्मान भी है जिस पर मुझे हमेशा गर्व रहेगा।
  • प्रधानमंत्री का राष्ट्र के नाम सन्देश मित्रों, मुझे भारत के भविष्य के बारे में पूरा इत्मीनान है। मुझे पक्का विश्वास है कि वह समय आ गया है जब भारत दुनिया की बदलती हुई अर्थव्यवस्था में एक महत्वपूर्ण शक्ति के रूप में उभरेगा। परंपरा को आधुनिकता के साथ और विविधता को एकता के साथ मिलाते हुए हमारा देश दुनिया को आगे का रास्ता दिखा सकता है। अपने महान देश की सेवा करने का मौका मिलना मेरा सौभाग्य रहा है। मैं इससे ज़्यादा कुछ और नहीं मांग सकता था। मेरी शुभकामना है कि आने वाली सरकार अपने काम-काज में हर तरह से सफल रहे। मैं अपने देश के लिए और भी बड़ी सफलताओं की कामना करता हूं।
  • तीसरे बिम्‍सटेक शिखर सम्‍मेलन में प्रधानमंत्री हम सभी देश स्‍वाभाविक तौर पर एक समूह हैं। भौगोलिक सीमाओं ने हमें जोड़ा है और इतिहास ने हमें बाँध रखा है। हमारी जमीनी और समुद्री सीमाएं साझा हैं। हमारी संस्‍कृति, धर्म और वास्‍तुशिल्‍प हमारे प्राचीन संबंधों का स्‍पष्‍ट प्रमाण प्रस्‍तुत करते हैं। बंगाल की खाड़ी के पार मॉनसून हमारी धरती को नवजीवन देता है, जबकि हमारा समुद्री व्‍यापार हमारी अर्थव्‍यवस्‍थाओं को समृद्ध करता है। हम प्राकृतिक आपदाओं से लेकर आतंकवाद तक कई समान चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। साथ ही हम व्‍यापार, आर्थिक सहयोग और सम्‍पर्क के क्षेत्र में कई अवसरों को साझा करते हैं, ये सभी बातें हमारे सुखद...
  • कैपफिम्स की आधारशिला रखने के अवसर पर प्रधानमंत्री केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल आयुर्विज्ञान संस्थान उस आवश्यकता को पूरी करेगा जो लंबे समय से महसूस की जा रही थी। यह उन केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के परिवारों के लिए बेहतर स्वास्थ्य देखभाल सुनिश्चित करेगा जो अपना अधिकांश समय अपनी दुष्कर और दूभर जिम्मेदारियां पूरी करने के लिए घर से दूर रहते हैं। इसके फलस्वरूप इन बलों का कामकाज अत्यधिक नैतिक एवं अधिक दक्ष बनेगा। प्रधानमंत्री के भाषण का पूरा पाठ
  • तेलंगाना विधेयक और विशेष पैकेज पर प्रधानमंत्री मैंने विपक्ष के नेता और अन्य सभी सदस्यों खासतौर से आंध्र प्रदेश के सदस्यों के विचार ध्यानपूर्वक सुने। गृहमंत्री पहले ही उन कदमों का उल्लेख कर चुके हैं जो हमारी सरकार राज्य के सभी क्षेत्रों, खासतौर से सीमांध्र की समस्याएं दूर करने के लिए उठाएगी। मैं इस संबंध में कुछ और घोषणाएं करता हूं। प्रथम, केंद्रीय सहायता के उद्देश्यों के लिए, 13 जिलों वाले शेष आंध्र प्रदेश को पांच वर्ष की अवधि के लिए विशेष श्रेणी राज्य का दर्जा दिया जाएगा जिसमें चार जिले रायलसीमा के और तीन जिले उत्तर तटीय आंध्र के होंगे। इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। प्रधानमंत्री के बयान का पूरा...

 
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04 मार्च, 2014 को म्यांमार के ने पाई टॉ में बे ऑफ बंगाल फॉर मल्टीसेक्टोरल टेक्निकल एंड इकॉनोमिक को-ऑपरेशन (बीआईएमएसटीईसी) की तीसरी शिखर बैठक के उद्घाटन समारोह में प्रधान मंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का स्वागत करते हुए म्यांमार के राष्ट्रपति श्री यू. थीन सीन।

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