प्रधान मंत्री राष्ट्रीय राहत कोष[वापस जाएं]

सुनामी प्रभावित राज्यों/ केन्द्र शासित प्रदेशों में प्रधान मंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से कार्यान्वित की जा रही पुनर्वास परियोजनाएं

सुनामी प्रभावित राज्यों यथा केरल, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश तथा संघ शासित प्रदेशों यथा अडंमान निकोबार द्वीप समूह और पॉन्डिचेरी के लिए राज्य सरकारों और इन राज्यों में सक्रिय बड़े गैर-सरकारी संगठनों के साथ विस्तृत चर्चा के बाद कई योजनाएं शुरू की गईं जिनमें अनुग्रह सहायता, बच्चों को छात्रवृत्ति, मानसिक एवं सामाजिक सहायता के उपाय, मछुआरों को पूंजीगत राहत और सर्वजन स्वास्थ्य बीमा शामिल हैँ। यह प्रधान मंत्री राष्ट्रीय राहत कोष के जरिए की गई अब तक की सबसे बड़ी पहल है। सभी पुनर्वास योजनाएं पूरी हो चुकी हैं। केवल प्रधान मंत्री छात्रवृत्ति योजना चल रही है और यह शैक्षिक वर्ष 2015-2016 तक चलती रहेगी। संगत ब्यौरा निम्नानुसार हैः- 

योजना का नाम

योजना का ब्यौरा

जारी की गई धनराशि

स्थिति

प्रत्येक मृतक/ लापता व्यक्ति के निकटतम संबंधी को अनुग्रह राशि

10637 मृतक/ लापता व्यक्तियों के निकटतम संबंधी को 1 लाख रुपए की अनुग्रह राशि। 

106.37

बंद

प्रधान मंत्री सुनामी बाल सहायता योजना

मासिक आमदनी के विकल्प के साथ प्रत्येक बच्चे के नाम पर 51000 रूपये के सावधि जमा खाते खोले गए।

11.33

बंद

सुनामी प्रभावित बच्चों के लिए प्रधान मंत्री छात्रवृत्ति

पात्र बच्चों को पहली कक्षा से दसवीं कक्षा तक 300 रुपये प्रति माह की दर से मासिक छात्रवृत्ति दी जा रही है।

340.63

योजना चल रही है और शैक्षिक वर्ष 2015-2016 के बाद बंद कर दी जाएगी।

मानसिक-सामाजिक सहायता

इस योजना में सुनामी प्रभावित क्षेत्रों में सामाजिक अवसंरचना एवं सामाजिक विकास के लिए सहायता शामिल है।

25.12

बंद

सर्वजन-स्वास्थ्य बीमा योजना

इस योजना में सुनामी प्रभावित परिवारों को तीन वर्ष की अवधि के लिए स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराई जाती है। इस योजना में परिवार के पांच सदस्यों अर्थात् बीमाधारक, बीमाधारक की पत्नी/पति और उन पर आश्रित तीन बच्चों को शामिल किया जाता है। यह योजना राज्य सरकारों के साथ-साथ यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी द्वारा चलाई जा रही थी।

45.98

बंद

सुनामी से प्रभावित मछुआरों तथा कर्जदारों को सहायता

इस योजना में राज्य सरकारी एजेंसियों को सहायता दी जाती है ताकि सुनामी में मारे गए कर्जदारों का मूलधन और ब्याज को माफ किया जा सके और सुनामी प्रभावित मछुआरों के लिए उनके पहले से देय भुगतान/ दंड ब्याज की फिर से समय-सारिणी तैयार की जा सके।

57.43

बंद