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प्रधान मंत्री राष्ट्रीय कौशल विकास परिषद

“कौशल विकास के लिए समन्वित कार्रवाई तथा “राष्ट्रीय कौशल विकास निगम” “(नेशनल स्किल डेवलपमेंट कार्पोरेशन) के गठन” पर 15 मई 2008 को हुई बैठक में कैबिनेट द्धारा लिए गए निर्णय के अनुसरण में 1 जुलाई 2008 को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कौशल विकास परिषद का गठन किया गया ।

संघटन

राष्ट्रीय कौशल विकास परिषद का संघटन इस प्रकार है:-

1. प्रधानमंत्री – अध्यक्ष
2. मानव संसाधन विकास मंत्री – सदस्य
3. वित्त मंत्री – सदस्य
4. भारी उद्योग एवं लोक उद्यम मंत्री  - सदस्य
5 ग्रामीण विकास मंत्री  -       सदस्य
6. आवास और शहरी गरीबी उन्मूलन मंत्री – सदस्य
7 श्रम और रोजगार मंत्री  -   सदस्य
8. उपाध्यक्ष , योजना आयोग –     सदस्य
9. अध्यक्ष – राष्ट्रीय विनिर्माण -    सदस्य

प्रतिस्पर्धा परिषद्

10. अध्यक्ष राष्ट्रीय कौशल विकास निगम – सदस्य

सहयोग

11. श्री एस रामदोराई    - कौशल विकास के क्षेत्र में विशेषज्ञ
12. श्री नन्दन नीलकणि    -वही-
13. श्री मनीष सब्बरवाल    -वही-
14. श्रीमती लैला तैयबजी    -वही-
15. श्रीमती रीनैना झबवाला    -वही-
16 श्री राजेंद्र पवार    -वही-
17 प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव  -  सदस्य सचिव

इस समिति के प्रधानमंत्री कार्यालय द्धारा सेवाएं प्रदान की जाएंगी ।  यह समिति आवश्यकता पड़ने पर किसी भी मंत्रालय / विभाग / सरकारी एजेंसी से सहयोग ले सकती है।

चार्टर

यह परिषद त्रिस्तरीय संरचना वाली शीर्ष संस्था है और विजऩ तय करने तथा मूल कार्यनीतियां तैयार करने में अपना योगदान देगी । इस परिषद् के राष्ट्रीय विकास विभाग समन्वयन बोर्ड सहायता प्रदान करेगा । इसके अध्यक्ष, योजना आयोग के उपाध्यक्ष होंगे तथा यह परिषद् सरकारी एवं गैर सरकारी दोनों क्षेत्रों में कौशल विकास की दिशा में की जाने वाली कार्रवाई समन्वयन करेगी।

कौशल विकास के संबंध में गैर सरकारी क्षेत्र द्धारा की जाने वाली कार्रवाई को बढ़ावा देने के लिए, राष्ट्रीय कौशल विकास निगम नामक गैर मुनाफे वाले निगम (कार्पोरेशन) के रुप में संस्थागत व्यवस्था की जा रही है। इसे वित्त मंत्रालय द्धारा इसे स्थापित किया जा रहा है वित्त मंत्रालय द्धारा स्थापित किए जाने वाले राष्ट्रीय कौशल विकास निगम नामक गैर मुनाफा वाले निगम, के अध्यक्ष परिषद् के सदस्य भी होंगे।