भाषण [वापस जाएं]

February 26, 2014
नई दिल्ली


कैपफिम्स की आधारशिला रखने के अवसर पर समारोह में प्रधानमंत्री का भाषण

प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल आयुर्विज्ञान संस्थान की आधारशिला के अवसर पर समारोह को संबोधित किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री के भाषण का अनूदित पाठ इस प्रकार है:-

"आज केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल आयुर्विज्ञान संस्थान (कैपफिम्स) की स्थापना की दिशा में बहुत महत्वपूर्ण कदम रखने का दिन है। यह हम सबके लिए बहुत खुशी की बात है कि यह परियोजना आखिरकार कार्यान्वयन के चरण में पहुंच गई।

केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल आयुर्विज्ञान संस्थान उस आवश्यकता को पूरी करेगा जो लंबे समय से महसूस की जा रही थी। यह उन केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के परिवारों के लिए बेहतर स्वास्थ्य देखभाल सुनिश्चित करेगा जो अपना अधिकांश समय अपनी दुष्कर और दूभर जिम्मेदारियां पूरी करने के लिए घर से दूर रहते हैं। इसके फलस्वरूप इन बलों का कामकाज अत्यधिक नैतिक एवं अधिक दक्ष बनेगा।

संस्थान से केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों को बेहतरीन संभव सुविधाएं उपलब्ध कराने की हमारी सरकार की प्रतिबद्धता का पता चलता है। हम जानते हैं कि इन बलों के पुरुष और महिलाएं बहुत विपरीत दशाओं प्रायः अपने जीवन को जोखिम में डालकर काम करते हैं। वे देश के कुछ बेहद मुश्किल स्थानों में तैनात रहते हैं जिनमें वामपंथी उग्रवाद प्रभावित राज्य, पूर्वोत्तर राज्य और जम्मू-कश्मीर शामिल हैं। बीएसएफ, आईटीबीपी, एसएसबी और असम राइफल्स पाकिस्तान, चीन, पनेपाल, भूटान, बांग्लादेश और म्यांमा से लगी हमारी 15000 किमी से अधिक लंबी अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं और नियंत्रण रेखा की रक्षा करते हैं तथा सीमा पार अपराधों को भी रोकते हैं। सीआरपीएफ कानून और व्यवस्था कायम रखने और आंतरिक व्यवधानों एवं विद्रोह को नियंत्रित करने में मदद करती है। सीआइएसएफ हमारे परमाणु बिजलीघरों, अंतरिक्ष ठिकानों, हवाई अड्डों, मिन्ट, मुद्रा नोट प्रेस, तेल क्षेत्रों और रिफायनरी एवं प्रमुख बंदरगाहों सहित देशभर की 300 से अधिक इकाइयों को सुरक्षा उपलब्ध कराती है।

केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल में अब 9 लाख से अधिक कर्मचारी हैं। हमारी सरकार ने इन बलों में 126 अतिरिक्त बटालियनों की मंजूरी दी है जिनमें से 71 बटालियन बनाई जा चुकी हैं तथा शेष वर्तमान वित्तीय वर्ष में बनने की संभावना है। हमने बुनियादी ढांचे और इमारत क्षमता मजबूत करने पर भी ध्यान दिया है। 12वीं योजना के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के बुनियादी ढांचा मजबूत करने के लिए 12,500 करोड़ रुपये से अधिक राशि खर्च की जाएगी। वर्ष 2008 से इन बलों के लिए 24 नए प्रशिक्षण संस्थानों की मंजूरी दी गई है।

हमारी सरकार ने स्वास्थ्य देखभाल सुविधाओं में सुधार और बल के कर्मियों और उनके परिवारों को चिकित्सा सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास किए हैं। केंद्रीय बलों के लिए मेडिकल काडर को 2004 में नया रूप दिया गया था ताकि बलों के कर्मियों और उनके परिवारों को दूरदराज के क्षेत्रों में तैनाती पर भी न्यूनतम बुनियादी स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। 6 पुराने अस्पतालों को उन्नत बनाकर 100 बिस्तर वाले कंपोजिट अस्पताल बनाया गया तथा 32 पुराने अस्पतालों को 50 बिस्तर वाले कम्पोजिट अस्पताल बनाए गए हैं ताकि विशेष ईलाज उपलब्ध कराया जा सके। 200 बिस्तर का रैफरल अस्पताल नोएडा में निर्माणाधीन है तथा इस वर्ष के आखिर तक चालू होने की उम्मीद है।

यह संस्थान 1350 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा तथा इसमें 500 बिस्तर वाला सामान्य अस्पताल, 300 बिस्तर वाला सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, नर्सिंग कालेज और स्कूल ऑफ पैरामैडिक्स शामिल होंगे। इससे न सिर्फ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के कर्मियों और उनके परिवारों के लिए क्षेत्रीय स्तर पर स्वास्थ्य देखभाल में सुधार होगा बल्कि उनकी जरूरतों से पूरी तरह परिचित डॉक्टर, पैरामैडिकल स्टाफ एवं नर्स उपलब्ध कराने के जरिए उन्हें उपलब्ध अन्य मेडिकल सुविधाओं को सुधारने में भी योगदान मिलेगा।

मुझे केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल आयुर्विज्ञान संस्थान के जल्द से जल्द संभव समय में निर्माण होने और कामकाज शुरू होने की उम्मीद है। मैं इसके आने वाले समय में उत्कृष्टता के केंद्र के रूप में भी उभरते देखना चाहता हूं। हमारे केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल उससे कम के हकदार नहीं हैं।

अंत में इन शब्दों के साथ अपनी बात समाप्त करता हूं कि हम सब राष्ट्र को उपलब्ध कराई गई केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की सेवाओं के लिए आभारी हैं। हम उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं।

धन्यवाद। जय हिंद।"